गाँव और छोटे कस्बों में बैंक शाखा दूर होती है, और कई लोग सिर्फ़ पैसे जमा करने के लिए आधा दिन गँवा देते हैं। AEPS कैश डिपॉज़िट यही काम आपकी दुकान पर करवा देता है। ग्राहक आपको नकद देता है, आधार नंबर बताता है और फ़िंगरप्रिंट लगाता है। रकम आपके Payonclick AEPS वॉलेट से कटती है और ग्राहक के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में जमा हो जाती है। नकद आपके ड्रॉअर में रहता है।
AEPS कैश डिपॉज़िट क्या है
AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) NPCI का नेटवर्क है, जिसमें ग्राहक आधार नंबर और बायोमेट्रिक से बैंक का काम करता है। ज़्यादातर रिटेलर इससे नकद निकासी, बैलेंस और मिनी स्टेटमेंट करते हैं। कैश डिपॉज़िट इसका उल्टा है:
| नकद निकासी | कैश डिपॉज़िट | |
|---|---|---|
| ग्राहक क्या करता है | खाते से पैसे निकालता है | खाते में पैसे जमा करता है |
| नकद कहाँ जाता है | आपके ड्रॉअर से ग्राहक को | ग्राहक से आपके ड्रॉअर में |
| आपका AEPS वॉलेट | रकम जुड़ती है | रकम कटती है |
| ₹5,000 से ऊपर आधार OTP | ज़रूरी | ज़रूरी नहीं |
इसलिए दोनों सेवाएँ साथ चलें तो काउंटर का नकद संतुलित रहता है: निकासी से वॉलेट भरता है और ड्रॉअर खाली होता है, जमा से ड्रॉअर भरता है और वॉलेट खाली होता है। इस संतुलन पर हमारा लेख मिनी बैंक काउंटर पर नकद कैसे मैनेज करें पढ़ें।
कैश डिपॉज़िट करने का तरीका
AEPS खोलें
Payonclick पोर्टल या ऐप में AEPS पेज पर जाएँ और Cash Deposit टैब चुनें। ऐप का नया वर्ज़न रखें।
ग्राहक की जानकारी
ग्राहक का आधार नंबर, उसका बैंक और मोबाइल नंबर डालें।
रकम डालें
₹100 से ₹10,000 के बीच पूरी रकम (पैसे नहीं, सिर्फ़ रुपये)।
बायोमेट्रिक
ग्राहक RD डिवाइस पर फ़िंगरप्रिंट या आइरिस लगाए।
TPIN से पुष्टि
अपना TPIN डालें। रकम आपके AEPS वॉलेट से कटती है और बैंक को भेजी जाती है।
रसीद दें
सफल होने पर रसीद प्रिंट या शेयर करें। ग्राहक को बैंक का SMS भी आता है।
जमा करने से पहले आपके AEPS वॉलेट में उतनी रकम होनी चाहिए। निकासी से आया पैसा इसी वॉलेट में जमा होता है।
सीमा और नियम
- प्रति जमा: ₹100 से ₹10,000, सिर्फ़ पूरे रुपये।
- आधार OTP नहीं: ₹5,000 से ऊपर का आधार OTP निकासी और आधार पे के लिए है, जमा के लिए नहीं। जमा में ग्राहक का फ़िंगरप्रिंट या आइरिस ही काफ़ी है।
- निकासी के तुरंत बाद जमा नहीं: उसी ग्राहक और उसी बैंक के लिए निकासी के थोड़ी देर बाद जमा रोकी जा सकती है, ताकि कोई निकाल कर वही पैसा दोबारा जमा न करे।
- ग्राहक का बैंक: ग्राहक के बैंक में AEPS कैश डिपॉज़िट की सुविधा होनी चाहिए, और बैंक अपनी सीमा भी लगा सकता है।
- अपना ही बायोमेट्रिक: फ़िंगरप्रिंट ग्राहक का ही हो। कभी अपना या किसी और का फ़िंगरप्रिंट न लगाएँ।
पेंडिंग जमा: क्या करें
ज़्यादातर जमा कुछ सेकंड में पूरे हो जाते हैं। कभी-कभी बैंक से जवाब देर से आता है और जमा पेंडिंग दिखता है।
- दोबारा जमा न करें। अगर पहला जमा बाद में सफल हो गया, तो दो बार पैसा कटेगा।
- रकम सुरक्षित रहती है। पेंडिंग जमा की रकम आपके वॉलेट से रुकी रहती है। बैंक से पक्की असफलता आने पर ही वापस आती है, और सफल होने पर ग्राहक के खाते में रहती है।
- स्टेटस देखें। AEPS हिस्ट्री में स्टेटस देखते रहें। सिस्टम पेंडिंग जमा को अपने आप जाँचता है।
- ग्राहक को सही बताएँ। "बैंक की पुष्टि बाकी है, SMS आने पर पक्का होगा" कहें। हाथ से पैसा वापस न करें।
हर सेवा के लिए यही नियम हमारी पेंडिंग और फ़ेल ट्रांज़ैक्शन गाइड में है।
किसके लिए उपयोगी है
- मज़दूर और छोटे दुकानदार जो रोज़ की कमाई बैंक में रखना चाहते हैं।
- बुज़ुर्ग ग्राहक जिनके पास ATM कार्ड या स्मार्टफ़ोन नहीं है।
- किस्त और बचत के लिए खाते में पैसे डालने वाले ग्राहक।
- आपकी दुकान का कैश: निकासी के लिए आया पैसा जमा करने वालों से वापस ड्रॉअर में आता है, इसलिए बार-बार बैंक जाना कम होता है।
कैसे शुरू करें
AEPS कैश डिपॉज़िट हर Payonclick रिटेलर के लिए चालू है। इसके लिए आपकी AEPS सेवा चालू होनी चाहिए: AEPS मर्चेंट ऑनबोर्डिंग, आधार eKYC और हर दिन का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन। नए हैं तो payonclick.in/register पर रजिस्टर करें, और AEPS ID का पूरा तरीका हमारे लेख AEPS ID कैसे लें में पढ़ें।
Payonclick को VVN MULTISERVICES INDIA Pvt. Ltd., सिरसा, हरियाणा चलाती है, जो एक टेक्नोलॉजी और सर्विस प्रोवाइडर है। हर लेन-देन नियमित बैंकों और NPCI नेटवर्क पर चलता है।