AEPS ID, यानी AEPS रिटेलर ID, लेने के लिए आपको पाँच काम करने होते हैं: Payonclick पर रजिस्ट्रेशन, अपना KYC, रिटेलर एग्रीमेंट पर ई-साइन, AEPS सेवा चालू करना और AEPS मर्चेंट ऑनबोर्डिंग। साथ में एक ऐसा फ़िंगरप्रिंट या आइरिस RD device चाहिए जो Payonclick ऐप में चलता हो। नीचे हर कदम, ज़रूरी दस्तावेज़ और 2026 से लागू नियम एक-एक करके समझाए गए हैं।
AEPS ID क्या है और इससे दुकान पर क्या होता है
AEPS (Aadhaar Enabled Payment System) यानी आधार से चलने वाली भुगतान व्यवस्था। NPCI के अनुसार यह बैंक के नेतृत्व वाला मॉडल है, जिसमें किसी भी बैंक के बिज़नेस करेस्पॉन्डेंट (BC) या बैंक मित्र के ज़रिए, Micro ATM या पॉइंट ऑफ़ सेल मशीन पर, आधार से पहचान करके बैंक का लेन-देन होता है।
AEPS ID आपकी दुकान का वह खाता है जिससे आप ग्राहकों को ये सेवाएँ दे पाते हैं। Payonclick ऐप में तीन AEPS सेवाएँ मिलती हैं:
नकद निकासी
ग्राहक अपने बैंक खाते से पैसा निकालता है और आप उसे दुकान पर नकद देते हैं। रकम आपके AEPS वॉलेट में आती है।
बैलेंस पूछताछ
ग्राहक अपने बैंक खाते का बैलेंस जान लेता है। इसमें कोई पैसा नहीं निकलता।
मिनी स्टेटमेंट
ग्राहक अपने बैंक खाते के हाल के लेन-देन देख लेता है।
ग्राहक को कार्ड की ज़रूरत नहीं होती। उसे अपना आधार नंबर बताना होता है और RD device पर उँगली या आँख (आइरिस) से पहचान देनी होती है। Payonclick ऐप में ग्राहक के AEPS ट्रांज़ैक्शन के लिए चेहरे (फ़ेस) से पहचान स्वीकार नहीं होती।
नकद निकासी की रकम आपके AEPS वॉलेट में जमा होती है। वहाँ से आप उसे तुरंत मेन वॉलेट में ले जा सकते हैं, या IMPS से अपने बैंक खाते में भेज सकते हैं। बैंक खाते में भेजना बैकग्राउंड में प्रोसेस होता है, इसलिए यह तुरंत नहीं होता; बैंक की पुष्टि आने पर स्टेटस बदलता है।
Payonclick India एक टेक्नोलॉजी और सर्विस प्रोवाइडर है, बैंक नहीं। AEPS के लेन-देन नियमों के तहत काम करने वाले बैंकों और नेटवर्क पर होते हैं। हर सेवा की सीमाएँ और उनके आधिकारिक स्रोत हमारे नियम और सीमाएँ पेज पर एक जगह दिए गए हैं।
AEPS रिटेलर ID कौन ले सकता है और कौन-से दस्तावेज़ चाहिए
दुकान चलाने वाला कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है, सीधे Payonclick पर या अपने डिस्ट्रीब्यूटर के ज़रिए। ID तभी चालू होती है जब आपका KYC मंज़ूर हो जाए, एग्रीमेंट पर ई-साइन हो जाए और AEPS मर्चेंट ऑनबोर्डिंग पूरी हो जाए। जानकारी और दस्तावेज़ इन चरणों में लगते हैं:
| चरण | क्या चाहिए |
|---|---|
| रजिस्ट्रेशन | नाम, लिंग, मोबाइल नंबर (OTP से सत्यापित), ईमेल और पासवर्ड |
| KYC, डिजिलॉकर से | अपनी सहमति से आधार और PAN साझा करना |
| KYC, फ़ॉर्म से | आधार नंबर, PAN, बैंक खाते का विवरण, आधार कार्ड के आगे और पीछे की फ़ोटो, PAN कार्ड की फ़ोटो और पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो |
| AEPS मर्चेंट ऑनबोर्डिंग | नाम, मोबाइल, 4 से 6 अंकों का मर्चेंट पिन, PAN, आधार, दुकान का नाम, दुकान का पता, बैंक खाता नंबर, IFSC और खाताधारक का नाम। GSTIN देना ज़रूरी नहीं है। |
| ऑनबोर्डिंग के बाद | आधार ई-KYC (OTP और बायोमेट्रिक से) और बैंक ई-KYC |
डिजिलॉकर वाले रास्ते में अगर आधार और PAN पर नाम मिल जाता है, तो KYC अपने-आप मंज़ूर हो जाता है। नाम न मिले, या आप फ़ॉर्म से KYC करें, तो हमारी टीम दस्तावेज़ जाँचकर फ़ैसला करती है।
आवेदन से पहले देख लें कि आधार, PAN और बैंक खाते में आपका नाम एक ही तरह लिखा है। दस्तावेज़ों की फ़ोटो साफ़ और पूरी हो, कोई कोना कटा न हो। इससे जाँच में अड़चन कम आती है।
Payonclick पर AEPS ID लेने की प्रक्रिया
रजिस्टर करें
payonclick.in पर या Payonclick ऐप में अपना खाता बनाएँ। मोबाइल नंबर OTP से सत्यापित होता है।
KYC पूरा करें
डिजिलॉकर से आधार और PAN साझा करें, या KYC फ़ॉर्म में दस्तावेज़ों की फ़ोटो अपलोड करें।
एग्रीमेंट पर ई-साइन करें
KYC मंज़ूर होने के बाद रिटेलर एग्रीमेंट पर ई-साइन करें।
AEPS सेवा चालू करें
हर सेवा को चालू करने का शुल्क अलग लगता है। इसकी जानकारी हमारी टीम देती है।
AEPS मर्चेंट ऑनबोर्डिंग करें
दुकान और बैंक का विवरण भरें, फिर आधार ई-KYC और बैंक ई-KYC पूरा करें।
डिवाइस जोड़कर काम शुरू करें
RD device जोड़ें, उस दिन का ऑथेंटिकेशन करें और पहला ट्रांज़ैक्शन करें।
Micro ATM और UPI नकद निकासी सेवाओं के लिए भी यही AEPS मर्चेंट ऑनबोर्डिंग काम आती है। सेवाओं, शुल्क की जानकारी और आवेदन के लिए Payonclick की AEPS रिटेलर ID सेवा का पेज देखें।
कौन-सा RD device चाहिए
RD device (रजिस्टर्ड डिवाइस) वह बायोमेट्रिक मशीन है जो UIDAI से प्रमाणित होती है और ग्राहक का फ़िंगरप्रिंट या आइरिस सुरक्षित तरीके से पढ़ती है। UIDAI ने फ़िंगरप्रिंट के पुराने L0 RD device की जगह L1 RD device लाने को कहा है। L1 डिवाइस में उँगली के असली होने की अतिरिक्त जाँच (लाइवनेस चेक) होती है, और पुराने L0 डिवाइस धीरे-धीरे हटाए जा रहे हैं। इसलिए नया फ़िंगरप्रिंट डिवाइस लें, तो L1 मॉडल ही लें।
Payonclick ऐप इन कंपनियों और मॉडलों के डिवाइस के साथ काम करता है:
| प्रकार | कंपनी और मॉडल |
|---|---|
| फ़िंगरप्रिंट | Mantra MFS110 और MFS100, Morpho/IDEMIA MSO 1300/1350 और MorphoSmart, Startek FM220 और FT11, Precision, Evolute, SecuGen Hamster Pro 20, NEXT Biometrics, Tatvik TMF20 |
| आइरिस | Mantra MIS100 और MIS100 V2 |
डिवाइस ख़रीदने से पहले दो बातें पक्की कर लें: मॉडल इस सूची में हो, और फ़िंगरप्रिंट डिवाइस L1 हो। अगर किसी ग्राहक का फ़िंगरप्रिंट बार-बार मैच न हो, तो आइरिस डिवाइस एक विकल्प है, क्योंकि ऐप ग्राहक की पहचान के लिए आइरिस भी स्वीकार करता है।
रोज़ का ऑथेंटिकेशन और ₹5,000 से ऊपर OTP
रोज़ का ऑथेंटिकेशन। हर दिन AEPS ट्रांज़ैक्शन शुरू करने से पहले, एक बार, आपको ऐप में अपने ख़ुद के आधार से बायोमेट्रिक पहचान देनी होती है। इस जाँच के लिए फ़िंगरप्रिंट, आइरिस या चेहरा, तीनों चलते हैं। ऐप को फ़ोन की लोकेशन (GPS) की अनुमति भी देनी होती है। ध्यान रहे, यह जाँच दुकानदार की है, ग्राहक की नहीं।
₹5,000 से ज़्यादा की निकासी पर OTP। Payonclick ऐप में ₹5,000 से ज़्यादा की नकद निकासी पर, फ़िंगरप्रिंट या आइरिस के साथ, ग्राहक के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक OTP भी आता है। ठीक ₹5,000 की निकासी पर OTP नहीं माँगा जाता। OTP न आए तो 30 सेकंड बाद दोबारा भेजा जा सकता है। इसलिए बड़ी रकम निकालने आए ग्राहक को अपना आधार से जुड़ा मोबाइल साथ रखना चाहिए।
प्रति ट्रांज़ैक्शन सीमा, 30 दिन वाली NPCI सिफ़ारिश और एरर कोड 61 का मतलब हमने AEPS लिमिट कितनी है, इस लेख में विस्तार से समझाया है।
Payonclick का कोई भी कर्मचारी आपसे कभी OTP, TPIN या पासवर्ड नहीं माँगता, और न ही फ़ोन पर दूर बैठे फ़िंगरप्रिंट स्कैन करवाता है। ऐसी माँग करने वाला कॉल या मैसेज धोखा है। आपका TPIN 5 बार ग़लत डालने पर 15 मिनट के लिए लॉक हो जाता है।
1 जनवरी 2026 से ऑपरेटर KYC नियम
RBI ने 27 जून 2025 को AePS टचपॉइंट ऑपरेटरों की जाँच (ड्यू डिलिजेंस) पर निर्देश (RBI/2025-26/63) जारी किए, जो 1 जनवरी 2026 से लागू हैं। टचपॉइंट ऑपरेटर यानी वह व्यक्ति जो दुकान पर ग्राहक का AEPS लेन-देन करवाता है, जैसे आप। इन निर्देशों में ज़िम्मेदारी अक्वायरिंग बैंक पर डाली गई है। बैंक को:
- हर ऑपरेटर का KYC करना होता है, सब-एजेंट का भी
- लगातार 3 महीने निष्क्रिय रहने वाले ऑपरेटर का KYC दोबारा करना होता है
- यह पक्का करना होता है कि AEPS के API सिर्फ़ AEPS के काम में इस्तेमाल हों
- ऑपरेटरों पर जोखिम के हिसाब से नज़र रखनी होती है, जैसे लोकेशन, लेन-देन की मात्रा और रफ़्तार
आपके लिए इसका मतलब:
- Payonclick ऐप इन्हीं नियमों की वजह से नए मर्चेंट के लिए बैंक ई-KYC ज़रूरी रखता है।
- अपनी ID किसी और को चलाने के लिए न दें। बैंक लोकेशन के आधार पर भी नज़र रखते हैं, इसलिए ID अपनी दुकान से ही चलाएँ।
- ID को लंबे समय तक बंद न छोड़ें। लगातार 3 महीने कोई काम न होने पर बैंक को आपका KYC दोबारा करना होता है।
"मुफ़्त ID" वाले फ़र्ज़ी ऑफ़र से कैसे बचें
सोशल मीडिया और WhatsApp पर "मुफ़्त AEPS ID", "बिना KYC के ID" या "हर महीने तय कमाई" जैसे विज्ञापन दिखते हैं। किसी भी ऑफ़र पर पैसा या दस्तावेज़ देने से पहले ये संकेत ज़रूर जाँचें:
- बिना KYC के ID का वादा। 1 जनवरी 2026 से लागू RBI निर्देशों में हर AEPS ऑपरेटर का KYC ज़रूरी है। बिना KYC के ID देने की बात इन नियमों से मेल नहीं खाती।
- OTP, TPIN, पासवर्ड या फ़िंगरप्रिंट की माँग। "सेटअप" या "एक्टिवेशन" के नाम पर कोई भी ये चीज़ें माँगे, तो साफ़ मना कर दें।
- "RBI से मंज़ूर" जैसे बड़े दावे। ऐसे दावे का लिखित स्रोत माँगें। Payonclick बैंक नहीं है और किसी लाइसेंस का दावा नहीं करता।
- तय कमाई का वादा। रिटेलर की कमाई दुकान पर होने वाले असली काम पर निर्भर करती है। पक्की मासिक कमाई का वादा करने वाले से सावधान रहें।
- किसी निजी खाते में पैसा माँगना। शुल्क की बात हमेशा कंपनी के आधिकारिक नंबर या ईमेल से पक्की करें।
साफ़ बता दें: Payonclick पर हर सेवा को चालू करने का शुल्क लगता है, जो हर सेवा के लिए अलग है और हमारी टीम बताती है। किसी भी जानकारी की पुष्टि के लिए सोमवार से शनिवार, सुबह 10:00 से शाम 7:00 बजे (IST) के बीच +91 99926 88080 पर फ़ोन या WhatsApp करें, या contactus@payonclick.in पर ईमेल करें।
अगर किसी के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखा हो जाए, तो गृह मंत्रालय की 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। ग्राहकों को यह भी बता सकते हैं कि UIDAI की सुविधा से आधार धारक अपना बायोमेट्रिक लॉक कर सकता है। लॉक रहने पर उसके फ़िंगरप्रिंट, आइरिस या चेहरे से आधार ऑथेंटिकेशन नहीं हो सकता, इसलिए AEPS निकासी से पहले उसे बायोमेट्रिक अनलॉक करना होगा।