Payonclick ऐप में AEPS नकद निकासी या Aadhaar Pay ₹5,000 से ज़्यादा की हो, तो ग्राहक के फ़िंगरप्रिंट या आइरिस के साथ एक आधार OTP भी माँगा जाता है। यह OTP ग्राहक के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आता है, और बायोमेट्रिक जाँच के साथ ही RD device के ज़रिए भेजा जाता है। यह लेख इस नियम को, NPCI के स्तर पर हो रहे बदलाव को, और दुकान पर इससे जुड़ी सावधानियों को एक जगह समझाता है।
Payonclick ऐप में नियम क्या है
Payonclick ऐप में यह नियम साफ़ है:
| स्थिति | OTP चाहिए? |
|---|---|
| निकासी या Aadhaar Pay ₹5,000 से ज़्यादा | हाँ, ग्राहक के आधार-लिंक मोबाइल पर |
| निकासी ठीक ₹5,000 या उससे कम | नहीं |
| बैलेंस पूछताछ, मिनी स्टेटमेंट | नहीं, इनमें पैसा नहीं निकलता |
OTP बायोमेट्रिक जाँच का विकल्प नहीं है, बल्कि उसके साथ एक और परत है। ग्राहक को फिर भी फ़िंगरप्रिंट या आइरिस RD device पर देना होता है। OTP देर से आए, तो 30 सेकंड बाद दोबारा भेजा जा सकता है। इसकी पूरी जानकारी हमारे AEPS रिटेलर ID वाले पेज पर भी है।
Payonclick India एक टेक्नोलॉजी और सर्विस प्रोवाइडर है, बैंक नहीं। हर AEPS ट्रांज़ैक्शन ग्राहक के अपने बैंक की मंज़ूरी से पूरा होता है।
NPCI का नया कदम: OC 096, वित्त वर्ष 2026-27
NPCI के AePS सर्कुलर पेज पर वित्त वर्ष 2026-27 का एक सर्कुलर, OC 096, सूचीबद्ध है। एक उद्योग रिपोर्ट के मुताबिक़, यह सर्कुलर AEPS नकद निकासी और BHIM Aadhaar Pay में बायोमेट्रिक के साथ एक और जाँच, यानी स्टेप-अप ऑथेंटिकेशन, जोड़ता है, और इसे लागू करने की तारीख़ 15 जुलाई 2026 बताई गई है। यह जानकारी अभी तक सिर्फ़ उद्योग की रिपोर्टों से मिली है, इसलिए इसकी सटीक शर्तों के लिए मूल सर्कुलर NPCI की वेबसाइट पर ही देखें।
Payonclick ऐप में ऊपर बताया गया ₹5,000 वाला नियम पहले से लागू है। NPCI का यह क़दम बताता है कि बड़ी रकम की AEPS निकासी में सिर्फ़ बायोमेट्रिक पर निर्भर रहने की जगह अतिरिक्त जाँच की तरफ़ पूरा उद्योग बढ़ रहा है।
ग्राहक को क्या बताएं
काउंटर पर बड़ी रकम माँगने वाले ग्राहक को पहले से यह बता दें:
फ़ोन साथ रखें
₹5,000 से ज़्यादा की निकासी हो, तो ग्राहक का वही फ़ोन साथ होना चाहिए जिसका नंबर आधार से जुड़ा है।
OTP ख़ुद ग्राहक पढ़े
OTP ग्राहक के फ़ोन पर आता है। उसका फ़ोन अपने हाथ में न लें, OTP ग्राहक ख़ुद बताए।
फ़िंगरप्रिंट या आइरिस भी लगेगा
OTP के साथ RD device पर ग्राहक का फ़िंगरप्रिंट या आइरिस भी ज़रूरी है।
देर हो तो 30 सेकंड रुकें
OTP न आए तो 30 सेकंड बाद दोबारा भेजा जा सकता है।
मोबाइल आधार से लिंक न हो तो क्या करें
कई बार ग्राहक का आधार पुराने या बंद हो चुके मोबाइल नंबर से जुड़ा रहता है, ऐसे में OTP उस तक कभी नहीं पहुँचता। ऐसी स्थिति में निकासी रोकनी होगी, और ग्राहक को अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराने की सलाह दें।
UIDAI के मुताबिक़ आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर अपडेट या नया जोड़ने के लिए ग्राहक को नज़दीकी आधार सेवा केंद्र जाना होता है। वहाँ नया मोबाइल नंबर दर्ज करके बायोमेट्रिक से पुष्टि की जाती है। यह अपडेट आपकी दुकान या Payonclick ऐप से नहीं हो सकता, इसलिए ग्राहक को सीधे आधार केंद्र भेजना ही सही तरीक़ा है।
बड़ी रकम की निकासी से पहले ग्राहक से पूछ लें कि उसका आधार-लिंक मोबाइल नंबर चालू है या नहीं। इससे बीच में समय बर्बाद नहीं होता।
निकासी को टुकड़ों में न बाँटें
OTP से बचने के लिए किसी बड़ी रकम को कई छोटी-छोटी निकासियों में बाँटने की सलाह न दें और न ख़ुद अपनाएँ। इसके दो नुक़सान हैं:
- यह असली मक़सद को नाकाम करता है। OTP की जाँच बड़ी रकम की सुरक्षा के लिए है। इसे टालने की कोशिश ग्राहक को ही जोखिम में डालती है।
- यह आपकी ID पर निगरानी बढ़ाता है। RBI के 27 जून 2025 के निर्देश (RBI/2025-26/63), जो 1 जनवरी 2026 से लागू हैं, बैंकों से हर AEPS ऑपरेटर की गतिविधि को लोकेशन, लेन-देन की मात्रा और रफ़्तार के हिसाब से देखने को कहते हैं। एक ही ग्राहक की, थोड़े-थोड़े अंतर पर, कई निकासियाँ यह पैटर्न बना सकती हैं।
किसी ग्राहक या साथी दुकानदार के कहने पर भी बड़ी निकासी को छोटे हिस्सों में न बाँटें। इससे ग्राहक और आपकी दुकान, दोनों की निगरानी बढ़ती है, फ़ायदा कुछ नहीं होता।
OTP धोखाधड़ी से सुरक्षा
OTP सिर्फ़ आपके सामने हो रही उसी निकासी के लिए है। इसे लेकर ये आदतें बनाएँ:
- OTP सिर्फ़ उसी ट्रांज़ैक्शन में इस्तेमाल करें जो ग्राहक के सामने चल रहा है, कभी फ़ोन पर किसी और को बताने के लिए नहीं।
- कोई फ़ोन करके ख़ुद को "Payonclick" या "बैंक" का कर्मचारी बताकर OTP माँगे, तो समझ लें यह धोखा है।
- ग्राहक का फ़ोन अपने हाथ में लेकर OTP ख़ुद न पढ़ें; ग्राहक को ही पढ़ने दें।
Payonclick का कोई भी कर्मचारी OTP, TPIN, पासवर्ड या दूर बैठे फ़िंगरप्रिंट स्कैन नहीं माँगता। ऐसी माँग करने वाला कॉल तुरंत काट दें और +91 99926 88080 पर हमें बताएँ।
₹50,000 की 30-दिन सीमा से जुड़ाव
OTP का नियम अकेला नहीं है। NPCI ने बैंकों से सिफ़ारिश की है कि एक ग्राहक की AEPS नकद निकासी और BHIM Aadhaar Pay मिलाकर लगातार 30 दिन में ₹50,000 से ज़्यादा न हो (NPCI/2023-24/AePS/087)। यह सीमा पार होने पर बैंक निकासी को जवाब कोड 61 के साथ मना कर देता है, चाहे OTP सही डाला गया हो या नहीं। यानी बड़ी रकम की हर निकासी दो जाँच से गुज़रती है: ₹5,000 से ऊपर OTP, और ग्राहक की 30-दिन की कुल सीमा। हर सीमा और उसका स्रोत नियम और सीमाएँ पेज पर है, और सीमाओं की पूरी समझ के लिए हमारा AEPS लिमिट वाला लेख पढ़ें।